आगाज तो हुआ था प्यार का इजहारकरना बाकी था ।तेरे दिल में भी थे वो जज्बात शायद परइकरार करना बाकी था ।फिर गुजरे थे हम तेरी गलियों से परशायद अभी किस्मत इंतजार करना बाकी था
आगाज तो हुआ था प्यार का इजहारकरना बाकी था ।
तेरे दिल में भी थे वो जज्बात शायद परइकरार करना बाकी था ।
फिर गुजरे थे हम तेरी गलियों से परशायद अभी किस्मत इंतजार करना बाकी था