चुप रहो

वे कहते हैं चुप रहो क्योंकि चुप रहना ही जीवन के खिलाफ लड़ने का सबसे सक्षम तरीका है

इसलिए चुप रहो

अपने जबड़े इतने कस कर बंद रखो कि लहू भी बाहर ना आ सके

वे कहते हैं कि उन्हें मालूम है कैसे तुम्हारे आत्म स्वाभिमान को रोड पर नंगा किया गया

और सच मानिए उन्हें भारी खेद भी है

पर तुम तो हो अभी भी जीवित और आगे भी रहोगी आशस्वित 

भेड़िया इस शहर का चक्कर हर रात लगाता है

उसके नाखूनो की आवाज़ें बढ़ती जा रही है

तुम्हारा अस्तित्व गली के कोने जैसा हो गया हैं, अपवित्र, असुरक्षित और कैद  

तुम बस चुप रहो

और करो प्रतीक्षा अपनी प्राकृतिक मृत्यु की