कुछ कमी हम में ही थी
बारिश को गले लगाता कौन है
आशिकी वाशकी ठीक है,
पर इतना चाहता कौन है
ख्वाब टूटे ना टूटे
रोज-रोज तुम्हे बनाता कौन है
और कुछ कम हो ना हो
इस धूल को अब हटाता कौन है
तारा


कुछ कमी हम में ही थी
बारिश को गले लगाता कौन है
आशिकी वाशकी ठीक है,
पर इतना चाहता कौन है
ख्वाब टूटे ना टूटे
रोज-रोज तुम्हे बनाता कौन है
और कुछ कम हो ना हो
इस धूल को अब हटाता कौन है
तारा