चाँद अपने ऊपर बने दागों की वजह से है खूबसूरती से लबरेज़।लेकिन मेरी ज़िंदगी में वो खुशहाल खूबसूरती लाने में है उस ऊपरवाले को परहेज़।उसकी कचहरी में मुझे चलाना है अपना मुक़दमा,अब वही मुझे बताए क्या मुझे हस्ताक्षर करने होंगे मेरे हक़ के दस्तावेज़।
चाँद अपने ऊपर बने दागों की वजह से है खूबसूरती से लबरेज़।लेकिन मेरी ज़िंदगी में वो खुशहाल खूबसूरती लाने में है उस ऊपरवाले को परहेज़।
उसकी कचहरी में मुझे चलाना है अपना मुक़दमा,अब वही मुझे बताए क्या मुझे हस्ताक्षर करने होंगे मेरे हक़ के दस्तावेज़।