किसी के प्यार में पागल हो जाने का
वो सदियों पुराना क्या दस्तूर था!
पर अगर मेरा दिल मेरी बात न मान सका
तो इसमें मेरा क्या कसूर था?


किसी के प्यार में पागल हो जाने का
वो सदियों पुराना क्या दस्तूर था!
पर अगर मेरा दिल मेरी बात न मान सका
तो इसमें मेरा क्या कसूर था?