9 महीने एक पीढ़ी को अपनी कोख में संजोकर रखने और उसे जन्म देते वक़्त उस यंत्रणा को सहने से लेकर अपनी औलादों को भरपेट खिलाकर खुद आधे पेट पर सोने तक,अपनी छोटी छोटी खुशियों का गला घोंटकर अपनी औलादों की हर इच्छा पूरी करने से लेकर अपने आज को अपनी औलाद के आने वाले कल के लिए कुर्बान करने तक एक माँ सब कुछ करने की क्षमता रखती है I

