ये जगता हुआ शहर , आज वीरान क्यों हैं,
सड़कों पे थी मस्ती , आज परेशान क्यों हैं ।।
इस शहर का बाशिंदा, मदमस्त हुआ करता था,
मिली जो सज़ा तुझे तो, आज हैरान क्यों है ।।
By Syed Haider Ali


ये जगता हुआ शहर , आज वीरान क्यों हैं,
सड़कों पे थी मस्ती , आज परेशान क्यों हैं ।।
इस शहर का बाशिंदा, मदमस्त हुआ करता था,
मिली जो सज़ा तुझे तो, आज हैरान क्यों है ।।
By Syed Haider Ali