बिहार में आपदाओं की भरमार है

तरक्की की नजरों में बिहार बीमार है

ना हुआ अब तक इसका उपचार है

बिहार में तरक्की का इंतजार है


दुनिया में अलग इसका रंग ढंग है

जवानी में खोया इसने अपना अंग है

बिहार को है दो भागों में तोड़ा

न जाने तरक्की को कहां छोड़ा

बिहार में विभिन्न प्रकार की नदियां बहती है

बिहार की हालत खुद की दुर्द दशा कहती है


प्रकृति ने भी इस को नहीं छोड़ा है

हर सालआपदाओं की ओर मोड़ा है

हर बार डूबा लेता है इसको बाढ़ का पानी

ना जाने कहां है इसकी वर्षों पुरानी कहानी

नेता मंत्री हवाई यात्रा करते हैं

बाढ़ में इसके कितने पुत्र पुत्री मरते हैं


राजनेताओं ने भी इसे लूटा है

किसी की नजरों से नहीं छूटा है

हर राज्य ने विकास की राह को पकड़ा है

न जाने इसको कौन सी बीमारी ने जकड़ा है

ग्राम में ना सड़क है ना नाली है

बिहारी शब्द बन चुका गाली है

बिहार में आपदाओं की भरमार है

बिहार बीमार है बिहार बीमार है