मैं अच्छा इंसान नही हूँ,
हाँ मैं शायद कपडे अच्छे पहन लेता हूँ,
थोडा देश और दुनिया के बारे में सोचता हूँ
और फिर थक हारकर सो जाता हूँ
आज सोचते-सोचते याद आया था वो बच्चा
बहुत अच्छा गरीब था वो बच्चा
रुपये मांगे थे दो उसने खाने को,
पर मैंने तो वो बचा रखे थे मयखाने को |
भूल कर उसे मैं बाजार पहुँच गया,
वो हजारों रुपये की पेंट खरीद ली,
दो कोडी का तन छिपाने को
और एक कमीज भी सिला ली,
दुनिया से नजरें मिलाने को |
मैं इंसान अच्छा हूँ, सोचता हूँ सभी के लिए
इंसानियत बेच कपडे खरीदता हूँ,
और अच्छा दिखने के लिए |