हो आते है शमशान कभी यूं ही
राम नाम का सार मिलता है।
सुख- दुख,अश्रुओ - ठहाकों की नश्वरता का आभास मिलता है।
बूढा बरगद गिरता है, तो ही कही गुलाब खिलता है।
मृत्यु सत्य है, जीवन मिथ्या
इस सत्य का आभास मिलता है।
क्या हैं, क्या हो सकता है
क्या रह जाता है।
काल का कड़वा स्वाद मिलता है।
हो आते है शमशान कभी यूं ही
राम नाम का सार मिलता है।