क्या कोई है जो मुझे बता सके कि बात कैसे करते हैं,

कितना सहज होता है बात कर पाना।

बातें जो ज़रिया हैं लोगों से जुड़ पाने का, अपने आपको व्यक्त कर पाने का,

यूं कहूं तो वो बात कर पाने की नेमत ही है जो हर सख्श को कॉन्फिडेंट फील कराती है।

कहते हैं जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है, अपने आस पास के माहौल से वो सब सीख जाता है,

और सबसे पहला हुनर वो बात करने का सीखता है।

ऐसा कहते हैं कि बात कर पाना एक ऐसी विधा है जो एक बार सीखने के बाद इंसान कभी नहीं भूलता।

एक वक़्त था, जब मुझे भी इस विधा में महारत हांशील थी,

फिर वक़्त की सुई ऐसी टेढ़ी हुई कि मुझे ये बातें ही चुभने लगीं,

बात करनी पड़ेगी ये सोचकर ही डर लगने लगा,

ऐसा डर जिसे शब्दों में बयां कर पाना ज़रा मुश्किल सा है।

इक अरसा हो चला है, इस डर को ज़ेहन में बसाए हुए,

वो डर कि मानो बात करने से मेरा दम घुंट जायेगा,

मेरे दिल की तेज़ धड़कनों से ब्रेन हैमरेज हो जाएगा या मानो बात करने चलूं तो इक अदृश्य राक्षस मुझे निगल जायेगा।

सच कहूं तो मैं बात कर पाना भूल सा गयी हूँ,

हाँ मैं भूल गयी, बात करने में जो कुल 100 मसल्स की दौड़-भाग से जो अनगिनत कंपन होते हैं उन्हें कैसे संभालते हैं,

वो दिल की धड़कन जो किसी ऑर्केस्ट्रा के ड्रम की तरह बजे जा रही हैं, उसे क़ाबू कैसे करते हैं,

और वो जो दिमाग में टिक-टिक होती मिलिसेकंड की सुई है, उसे घण्टे की सुई में कैसे तब्दील करते हैं,

मैं पहले दिमाग की सुई को काबू में करूँ या दिल के ऑर्केस्ट्रा को,

और पूरी ताक़त से करूँ या थोड़ा रहने दूं,

क्या कोई ट्यूटोरियल है जो मुझे सिखा सके कि बात कैसे करते हैं,

और मैं उस ट्यूटोरियल की एक-एक स्टेप फॉलो करूँ या कोई स्टेप स्किप कर दूँ,

क्यूंकि अगर पूरा ट्यूटोरियल फॉलो किया तो बात अधूरी रह जाएगी,

और ग़र न फॉलो किया तो बात ही नहीं हो पाएगी।

क्या कोई है जो मुझे बता सके कि बात कैसे करतें हैं।

और जब तक मैं बात करना फिर से नहीं सीखती, तब तक क्या करूँ,

क्यूंकि अब न तो वो बचपन है और न ही वो लोग जो मेरे बिना कुछ बोले समझ सकें।

तो क्या करना है अब, मैं पहले दुनिया से बात करना सीखूं या पहले ख़ुद से बात करूँ,

और ख़ुद को बताऊँ कि ये लाज़मी नहीं कि दुनिया तुम्हें समझे, बल्कि लाज़मी तो ये है कि तुम ख़ुद को समझो,

दुनिया से जुड़ने से पहले अहम ये है कि तुम ख़ुद से जुड़ो,

और दुनिया के साथ मुश्कुराने से पहले तुम ख़ुद की खूबियों और खामियों पर हँसना सीखो।