प्रेम को इस बात से भी
समझा जा सकता है..
जिस स्त्री को समाज में
कुरूपी और बदसूरत से परिभाषित
किया जाता है...
उसी स्त्री को उसकी संतान
दुनिया की सबसे
खूबसूरत स्त्री
समझती है...


प्रेम को इस बात से भी
समझा जा सकता है..
जिस स्त्री को समाज में
कुरूपी और बदसूरत से परिभाषित
किया जाता है...
उसी स्त्री को उसकी संतान
दुनिया की सबसे
खूबसूरत स्त्री
समझती है...