जब अधर्म पर होता विजय धर्म का,
जब भाग्य पर होता विजय कर्म का,
जब असत्य पर सत्य जीत जाता है
जब अंधकार पर प्रकाश का परचम लहराता है
जब पूरी फिजा ख़ुशी में मतवाली होती है,
उस दिन हाँ हर उस दिन मेरे देश दिवाली होती है ।
जब कठनाई घुटने टेक देती संकल्प के आगे,
जब डर वीरों से डर दर दर भागे,
जब धरा का हर प्राणी राग सुनहरा गाता है,
जब सूर्यमंडल का हर कण प्रकाशमान हो जाता है,
जब मरुस्थल में भी हरयाली होती है,
उस दिन हाँ हर उस दिन मेरे देश दिवाली होती है ।
जब एक दूजे के बीच बैर का अंत हो जाता है,
जब क्षणिक ही सही,जन जन संत बन जाता है,
जब बुराई पर अच्छाई मात दे जाती है,
जब माँ भारती गीत नया गुन गुनाती है,
जब चहु दिशाओं में सिर्फ खुशहाली होती है,
उस दिन हाँ हर उस दिन मेरे देश दिवाली होती है
मेरे देश दिवाली होती है ।
#प्रयास