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अब मिले तो रुक जाना

sushil adhikarisushil adhikari October 31, 2022
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अब मिले तो रुक जाना , 
सुनो ! भटकना मत , ठहर जाना , 
कम  जादा, अच्छा-बुरा देख लेंगे !!
थोरा डर लगेगा - सामना कर लेंगे , डर को भी तो पता चले
हमने “ भरोसा” को चुन लिया है !
दिल को भी आराम हो जाएगा- इसे अक्सर लगता है डूब जाएगा !!

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