यूँ चुप रहकर और घुटनो के बल बैठकर..क्या कर सकता है तू ..उठ कर दम लेगा ज़रा..तो दुनिया बदल सकता है तू ..
यूँ चुप रहकर और घुटनो के बल बैठकर..क्या कर सकता है तू ..
उठ कर दम लेगा ज़रा..तो दुनिया बदल सकता है तू ..