तेरी ख़ुशी हो मंज़िल मेरी
मेरे जीने की वजह भी तू हो..
मेरी ढ़लती शाम तू
मेरा उगता सुबह भी तू हो..
तेरे पे ख़त्म हो हर गुफ़्तुगू मेरी
तुझसे ही शुरू भी हो..
मेरे हर सफ़र में तू हो
मेरा हर मक़ाम तू हो..
किसी और की क्या ज़रूरत मुझे
मेरी दुश्मन भी तू, दिलरुबा भी तू हो..
देख लूँ सारी दुनिया मैं
शर्त है, ग़र निगाह तू हो..