क्या प्रेम 'स्व + अर्थ' ?
पिता सींचता है बेटे को
कि वो बुढ़ापे की लाठी बने
माली सींचता है नए पौधे को
कि वो पेड़ होने पर फल दे
तो क्या
इस प्रेम को स्वार्थी कहें
अथवा आवश्यक है
इनको सींचा जाना
एक बीज का अन्कुरण से पेड़ बनने तक।
~सुशांत आनंद �


क्या प्रेम 'स्व + अर्थ' ?
पिता सींचता है बेटे को
कि वो बुढ़ापे की लाठी बने
माली सींचता है नए पौधे को
कि वो पेड़ होने पर फल दे
तो क्या
इस प्रेम को स्वार्थी कहें
अथवा आवश्यक है
इनको सींचा जाना
एक बीज का अन्कुरण से पेड़ बनने तक।
~सुशांत आनंद �