कितने अल्फाज़ है तुम्हारे लिए।

कुछ भी नहीं है अब हमारे लिए।

तुम्हें देखूँ तो देखता ही रहूँ सूर्या।

मेरा सबकुछ है अब तुम्हारे लिए।


सूर्या