फिजाओं मे आज तेरी खुशबू बिखर रही है।

तेरी खुशबू लेकर मेरी जिंदगी निखर रही है।

मेरा जिंदा रहना तो , महज एक दिखावा है।

तेरे बिना तो , मेरी जिंदगी हो सिफर रही है।




सूर्यप्रताप सिंह