अगर तुम चाँद होती तो मै तुम तक हर रोज यात्रा करता ।
भले टूट जाता तुम तक पहुँचते पहुँचते पर
यक़ीनन एक दिन पहुँचता तुम तक 
गिरते पड़ते मरते मरते डरते डरते
रोते हँसते चलते चलते आखरी साँस रहते तुमसे मिलकर जो अनुभूति हमें महसूस होती वो मेरे जीवन की सबसे बड़ी सफलता होती।

#कविता_संगम