कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में, आता पर्व महान,

सब हैं करते तेरा ध्यान, मैया तूँ है दयानिधान.


चार दिवस का पर्व अनोखा, युगों से चलती आई,

सीता मैया, कर्ण और पांडव, साथ में कुंती माई.


भक्ति भाव उमड़ पड़ता है, करते सब गुणगान,

सब हैं करते तेरा ध्यान, मैया तूँ है दयानिधान.


डाला सूप सजाये कहते, आ जाओ दिनमान,

सब हैं करते तेरा ध्यान, मैया तूँ है दयानिधान.