इस रोटी के खातिर कई सिकंदर झुकते देखे है
इस रोटी के खातिर अपने सपने बिकते देखे है
तेरी वफादारी तेरा साथ मुझको अच्छा लगता है
ऐसा कुछ कहने वाले मैंने लोग बदलते देखे है
कुछ लोग नगीना कहते थे वो आज बहुत याद आते है
जब जब हमने बाजार में खोटे सिक्के चलते देखे है
नफ़रत सी हो गई है इस तेज रोशनी से अब
पर बता दो उन्हें हमने चड़ते सूरज ढलते देखे हैं
ये घना आंधेरा एक दिन छटेगा जरूर
क्योंकि हमने बुझते दिए जलते देखे है
अब जी घबराता है इस दौड़ में हिस्सा लेने में
इस खेल में हमने बिना पाऊं के अरबी घोड़े दौड़ते देखे है