मेरा तुम हो कहते हमारा नहीं,
सब अपना है केवल तुम्हारा नहीं ।
होना भी क्या ज़िन्दगी का अगर,
तेरे गेसुओं का सहारा नहीं ।
मैं कैसे न आता तेरे ख़्वाब में,
मुझे तूने लेकिन पुकारा नहीं ।
दुआओं में मेरी खुशियों के सदके,
वो क्या है जिसे मां ने वारा नहीं ।
जो तेरे तसव्वुर का मोती मिले,
जहां में क्या सूरज हमारा नहीं ।
सूरज प्रकाश
