बी टेक कर रहे थे हम
हर वक्त हार रहे थे हम
बैक बस छू कर निकल जाती,
हर सेमेस्टर में जल जाते थे हम।
हर परीक्षा को देकर के,
कैंटीन सबके साथ जाता,
नजर एक को ढूंढता वहां,
देख दूजे संग मैं मुड़ जाता।
कैंटीन की कहानी है ही निराली
हांथ में चाय और भौकाली जुबानी
दिख ही जाता है किसी के आंखो में,
एकतरफा हुए हर प्यार की कहानी।
