घर में रह कर महसूस हुआ,

घर में ही फरिस्ते है

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प्यार, मोहब्बत, ख़ुदा, इबादत,

सब लगाव के लिए तरसते हैं

सब लगाव के लिए तरसते हैं

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:।             ~ सुप्रिया श्रीवास्तव