साधारण सी बात है,

असाधारण बनना चाहती हूं

नव प्रस्फुटित कलियों को,

फूलों में खिलते देखना चाहती हूं

बस इतनी सी बात है ,

मैं शिक्षक बनना चाहती हूं

बंधी बधाई सोचों से,

ऊपर उठना चाहती हूं

अंतर्मन की जागृति से,

सृष्टि रचना चाहती हूं

साधारण सी बात....

बस इतनी सी.....

अनंत क्षितिज का लक्ष्य हो,

ऊंची सबकी उड़ानें हों

ज्ञान आंनद की सरिताओं का,

संगम अब साकार हो

नवनिर्मित कर अपनी प्रणाली,

आदर्श नए वाद रचना चाहती हूं

साधारण सी बात....

बस इतनी सी बात ...

उत्साह उमंग की कक्षा हो,

अनुभवों का प्रकरण हो

प्रयोगों में हो सारी बातें ,

यह सपना अब साकार हो

जिस हेतु जन्म हुआ,

वह सेतु बनना चाहती हूं

अद्भुत अदम्य अतुलनीय,

नवपीढ़ी रचना चाहती हूं

साधारण सी बात...

बस इतनी सी...


✍️Shruti"Alankaar"