सुख सहजता आया है दुःख को
अपने से अधिक..
उजाला करता आया है अपने से
अधिक अंधेरे की परवाह ..
विपरीत होना मायने नहीं रखता
सवाल वजूद का है..


सुख सहजता आया है दुःख को
अपने से अधिक..
उजाला करता आया है अपने से
अधिक अंधेरे की परवाह ..
विपरीत होना मायने नहीं रखता
सवाल वजूद का है..