नजरों से ही नजर मिलाओ,हवाओं से तुम बात करो....।सूर्य की रोशनी में खड़े होकर,त्रिनेत्र से अपनी बात करो....।।प्राकृतिक रचनाकार कवि-सुनील
नजरों से ही नजर मिलाओ,हवाओं से तुम बात करो....।सूर्य की रोशनी में खड़े होकर,त्रिनेत्र से अपनी बात करो....।।
प्राकृतिक रचनाकार कवि-सुनील