एक टहनी ही पतवार बनती है,एक चिंगारी ही वृहद् अंगार बनती है ।जिसे रौंदा गया पैरों से मिट्टी समझकर,वही एक दिन बड़ी मीनार बनती है ।।
एक टहनी ही पतवार बनती है,एक चिंगारी ही वृहद् अंगार बनती है ।
जिसे रौंदा गया पैरों से मिट्टी समझकर,वही एक दिन बड़ी मीनार बनती है ।।