Poetry 1 min read 783.5K reads

एहसास


वो दिन थे बहुत ही अनमोल ,जब नजरों से नजर मिल जाया करती थीं....।पास आते ही महसूस करते थे पुरी दुनिया,आँखों ही आँखों में सब बातें हो जाया करती थीं....।।

प्राकृतिक रचनाकार कवि-सुनील

Read more Earn more Learn more