वो दिन थे बहुत ही अनमोल ,

जब नजरों से नजर मिल जाया करती थीं....।

पास आते ही महसूस करते थे पुरी दुनिया,

आँखों ही आँखों में सब बातें हो जाया करती थीं....।।


प्राकृतिक रचनाकार कवि-सुनील