ये हमेशा फूल रहने वाले लोग,
ये खुद को कूल कहने वाले लोग,
वक्त आने पर औकात दिखा जाते हैं,
ये हमेशा साथ निभाने वाले लोग,
पता होता है ये अपने नहीं होते,
हाँ, ये हक़ीक़त है सपने नहीं होते,
फिर भी सपनों से जगा जाते हैं,
ये पहले नींद चुराने वाले लोग,
ये धीरे-धीरे से रिश्ता बुनते हैं,
काम हो इनको, तो आपको चुनते हैं,
निकलते ही काम, दूरी बना जाते हैं,
ये खुद को क़रीब कहने वाले लोग,
हंसता- खेलता चेहरा उजाड़ जाते हैं,
दिल को बनाकर कबाड़ चले जाते हैं,
ना चाहते हुए भी एक दर्द दे जाते हैं,
ये ख़ुद को हमदर्द बताने वाले लोग,
~ सुनील 'अम्बर'


