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मुझ से


यूँ घूमना बेइरादा, ठहर जाना फिर लौट जानाबहुत मुश्किल है दिलजलों का फिर लौट पाना

हरगिज़ नहीं है मुमकिन तनहा सफ़र पे जानायाद की रात के भरोसे हर रोज़ जीते जाना

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