मन टूटता है बिखरता है

मन ही उम्मीदों को रखता है

अक्सर रास्ते नहीं होते वेसे

जेसै मन आँखो में पिरोता है


हकीकत की तेज लहरों में

मन कागज की नाव पर होता है

समुन्दर को जाता मन अक्सर

किनारे की रेत में फस जाता है