गधों की बारात में
हम दूल्हा हैं ,
गधों की बारात में
तुम दुल्हन हो ,
गधों की बारात में
बाक़ी सब भी गधे हैं ...
क्या यही समझाए खुद को ?
कहाँ हमें जाना था
और कहाँ पहुँचे ,
ये मंज़िल मिली हादसों में
ऐसी दुश्वारी का न इरादा था
क्या यही समझाए खुद को?


