Poetry 1 min read 596.3K reads

निलामी


सुना था मोहब्बत के बाजार मे कारोबार

हुस्न, उन्स,अकिदत और बेख्याली का होता है

जब गुजर बाजार से आंखों मे दिलकशी लिए

पर हर कूचे में चमड़ी निलाम हो रही थी।

Read more Earn more Learn more