सुना था मोहब्बत के बाजार मे कारोबारहुस्न, उन्स,अकिदत और बेख्याली का होता हैजब गुजर बाजार से आंखों मे दिलकशी लिएपर हर कूचे में चमड़ी निलाम हो रही थी।
सुना था मोहब्बत के बाजार मे कारोबार
हुस्न, उन्स,अकिदत और बेख्याली का होता है
जब गुजर बाजार से आंखों मे दिलकशी लिए
पर हर कूचे में चमड़ी निलाम हो रही थी।