माना कि वक्त नासाज़ है अभीपर वक्त ही तो है बदल जाएगा।मौसम का ऐतबार है तुम्हें जो पल में बदल जाएगाइतने बरस बीते जाने तुम्हें हम पर कब यकीन आएगा।।
माना कि वक्त नासाज़ है अभीपर वक्त ही तो है बदल जाएगा।
मौसम का ऐतबार है तुम्हें जो पल में बदल जाएगाइतने बरस बीते जाने तुम्हें हम पर कब यकीन आएगा।।