माना की तुमसे इश्क़, बेशुमार करते है ।
तुम्हारी हर ज़िद, हस्ते-हस्ते हाँ करते है !
मगर ....
तुम्हारा यूँ आसमान-ऐ-गुरुर लेके
हमें गले लगाना, हम इनकार करते है ।
'इसे' छोड़, हर ज़िद हम, हाँ करते है !
सच है, इश्क़ तुमसे बेशुमार करते है ।।


माना की तुमसे इश्क़, बेशुमार करते है ।
तुम्हारी हर ज़िद, हस्ते-हस्ते हाँ करते है !
मगर ....
तुम्हारा यूँ आसमान-ऐ-गुरुर लेके
हमें गले लगाना, हम इनकार करते है ।
'इसे' छोड़, हर ज़िद हम, हाँ करते है !
सच है, इश्क़ तुमसे बेशुमार करते है ।।