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हजारों रात का हूं जगा सोना चाहता हू मै

SUMIT PANCHALSUMIT PANCHAL May 13, 2024
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हजारों रात का हूं जगा

सोना चाहता हू मै

मिल कर तुम सबसे,

पलके भिगोना चाहता हूं मै

बहुत ढूंढा है तुझे जग में इत

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