सागर में डूबती नाव जैसा हूं,आ खुद से लपेट लें मुझे।टूटते मोटी जैसा बिखरा हूं,आ खुद से समेट लें मुझे।बाहे फैलाएं आज भी खड़ा हूं,आ खुद से भेंट लें मुझे।*भेंट - गले लगाना*
सागर में डूबती नाव जैसा हूं,आ खुद से लपेट लें मुझे।टूटते मोटी जैसा बिखरा हूं,आ खुद से समेट लें मुझे।बाहे फैलाएं आज भी खड़ा हूं,आ खुद से भेंट लें मुझे।
*भेंट - गले लगाना*