किसी के यादों में बेगाना सा हो गया हैं,
नींद से जागे एक ज़माना सा हो गया हैं,
बरे चर्चे थे उनकी मोहब्बतों के,
मगर अब वो भी एक फ़साना सा हो गया हैं।
बिछर कर हस्ता-गाता-झूमता रहता हैं,
और लोग कहते कि-वो दीवाना सा हो गया हैं।
~सुमित कुमार
किसी के यादों में बेगाना सा हो गया हैं,
नींद से जागे एक ज़माना सा हो गया हैं,
बरे चर्चे थे उनकी मोहब्बतों के,
मगर अब वो भी एक फ़साना सा हो गया हैं।
बिछर कर हस्ता-गाता-झूमता रहता हैं,
और लोग कहते कि-वो दीवाना सा हो गया हैं।
~सुमित कुमार