बस एक नज़र मिल जाए

देख उसको ये मुरझाया चेहरा भी खिल जाएं।

मुस्कुराहट ऐसी कि

देख उसको इन सुखी नदियों में भी पानी भर जाएं।

सलिंता की क्या बात करते हो

देख उसको ये चांदनी भी फ़िका पर जाएं।

और क्या क्या लिखूं उसके बारे में

सोच उसको ये सियाही भी कम पर जाएं।


~सुमित कुमार