1 min read 804.8K reads

ऐ वक़्त


ऐ वक़्त कभी लौटकर के आ तुझे बताऊंगा मैं, जितने जख्म तूने दिए है सब सुनाऊंगा मैं, मेरे सुनहरे पल जो तूने संजोकर के रखे है वो मुझे दे दे, वरना जीते जी ही मर जाऊंगा मैं।

Read more Earn more Learn more