घर आलीशान और ऐशो आराम सभी तो है,

एक तुम्हारे ना होने से ये कमी क्यों है ?

खुशियां जहां भर की इन कदमों में है,

फिर भी मेरी आंखो में नमी क्यों है ?

सांसे ले रहा हूं येभी कुछ कम तो नहीं

पता नहीं ज़िन्दगी जीने के लिए तू ज़रूरी क्यों हैं ?