तुम लौट के एक बार झांकना बचपन में ,

सिखने का कुछ सबब होता है,

यूँही नहीं उस दौर में,

अम्मी की बातों में ,छुपा अदब होता है 


उम्र ढलती है , मगर याद वो सब कुछ होता है 

तज़ुर्बा कहते हैं किसे, ये इस सफर में मालूम होता है 


हाँ , शायद तरीका बदल लो तुम अपना ,

मगर ये जद्दोजेहद हर किसी के नसीब होता है