कभी तुम मेरे सिरहाने रूठ जाना 

कभी मैं तुम्हारे गोद में सर रख के रो लूंगा 


कभी तुम करवट बदल के सो जाना 

कभी मैं बिस्तर बदल के रात भर जाग लूंगा 

फिर शायद सुबह तुम चाय पर मान जाओ 

या फिर अगली सुबह चीनी पर शिकायत कर लेना 


और फिर इस से ज्यादा होने भी क्या है हमारे बीच 


कभी तुम फिर से पास मेरे आना 

कभी मैं तुम को मना लूंगा