बस तुम ही थी, जिसे इसका पता नहीं होगा
पूछना मोहल्ले में कभी
मैंने पता तुम्हारा, किस से नहीं पूछा होगा
खुशबु थी, तुम ने महसूस किया नहीं होगा
पूछने अपने बदन से कभी
मैंने उसका भी पीछा किया होगा
चाहत थी, खबर तुमको कहाँ मालूम होगा
पूछना अपने पडोसी से कभी
गलत पते पर भी उम्मीद से पूजा होगा
न मिली तुम न तुम्हें कभी मालूम होगा
पूछना मुझ से कभी
कोई मुझ सा , मुझे भी मिल गया होगा


