चल ही लेते हैं की, घर ही तो लौट के आना है 

जब दर्द की दवा नहीं , तो मैखाने में क्या गँवाना है 


मुश्किल है, एक दिन समझ में हमको आना है 

पन्नों को पलटो, घर में पड़ा बहुत सामान पुराना है 



कोशिश करते हैं , उन यादों को फिर से दोहराना है 

मेरा घर है, मर्रमत भी हमको कराना है