तर्क-वितर्क में खोया साहसतिरस्कार बन जाता हैकटते हर अधिकार मनस्वीकार कर जाता हैहर पक्ष विराम देते संयमबांध-बांध बंध जाता है
तर्क-वितर्क में खोया साहसतिरस्कार बन जाता है
कटते हर अधिकार मनस्वीकार कर जाता है
हर पक्ष विराम देते संयमबांध-बांध बंध जाता है