वो हैं ज़िंदगी में अनकही खुशी की तरह,
उस मासूम बच्चे की हँसी की तरह ||
 
हवाओं के रुख से पता पूछते हैं उनका,
बारिश की बूंदो में चेहरा ढूँढ़ते हैं उनका,
वो हैं सुबह की ओंस की बूंदों की तरह,
वो हैं ज़िंदगी में अनकही खुशी की तरह||
 
वो मुस्कान उनकी जो है शक्कर से भी मीठी,
वो हौंसलों की उड़ानों से बांधना उनका,
वो ख्वाबो में एक अलग दुनिया की सैर कराना,
वो हैं दिवाली की अनछुई रोशनी की तरह,
वो हैं ज़िंदगी में अनकही खुशी की तरह ||
 
वो मेरा बिना कहे उनका सब कुछ कह जाना,
खुद के नाम के साथ मेरा नाम जोड़ना,
वो हाथों की मेहंदी में अपना नाम ढूढ़ना,
वो हैं अनदेखी उस भगवान की मूरत की तरह,
वो हैं ज़िंदगी में अनकही खुशी की तरह ||