ख़बरों से आसुरी रोमांच मत ले

शोक है किसी का जो है तेरा शौक

अब खुद को उस जगह रख मत चौंक

मत करना अब कुदरत से रहम की भीख

जब मर्ज़ी से सुनता है किसी की चींख।